अमरनाथ श्राइन बोर्ड को ज़मीन वापस दिलाने के लिए संघर्ष कर रही समिति इस मसले के समाधान के लिए राज्यपाल द्वारा बनाए गए पैनल से बात करने को तैयार हो गई है। इस बीच, जम्मू क्षेत्र में स्थिति में सुधार के बाद जम्मू, सांबा, ऊधमपुर और किश्तवाड़ ज़िलों में अलग-अलग अवधि के लिए कर्फ्यू में ढील दी गई।राज्यपाल एन.एन. वोरा से निमंत्रण मिलने के बाद श्री अमरनाथ संघर्ष समिति के प्रवक्ता नागेंद्र सिंह ने बताया, हम बातचीत करने के लिए तैयार हैं।'
हालांकि समिति ने साफ किया है कि बातचीत के लिए तैयार होने का यह मतलब कतई नहीं है कि उसका आंदोलन रुक जाएगा। समिति 25 अगस्त तक अपना आंदोलन तय कार्यक्रम के अनुसार चलाते रहेगी। मंगलवार को भी अमरनाथ श्राइन बोर्ड से वापस ली गई 100 एकड़ भूमि लौटाने की मांग को लेकर जम्मू में दो लाख से अधिक लोगों ने विभिन्न थानों में गिरफ्तारी दी। इनमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल थीं।
श्रीनगर में राजभवन के प्रवक्ता ने कहा कि गवर्नर ने समिति से बात करने के लिए चार सदस्यों का पैनल बनाया है। राज्यपाल के सलाहकार एस.एस. बोलेरिया इसके मुखिया होंगे। समिति के संयोजक लीला करण शर्मा को सोमवार को ही बातचीत के लिए संदेश भेजा गया था। समिति की मांगों के अनुसार पांच सूत्रीय एजेंडे पर बातचीत होगी। इसमें यात्रा के दौरान बालटाल से डोमेल के बीच 800 कनाल ज़मीन के अमरनाथ श्राइन बोर्ड द्वारा उपयोग की व्यवस्था के साथ-साथ इसका भी आकलन किया जाएगा कि श्राइन बोर्ड को कितनी ज़मीन की ज़रूरत होगी।