एसएवाईएसएस समिति ने अपना जेल भरो आन्दोलन शुरू कर दिया है। वह श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड को वनभूमि लौटाये जाने और राज्यपाल एन० एन० वोहरा को हटाने की मांग कर रही है। जम्मू में बंद की वजह से 26 वें दिन भी सामान्य जनजीवन अस्तव्यस्त है। अमरनाथ संघर्ष समिति ने अपनी मांगों को लेकर जो आन्दोलन शुरू किया है उससे जम्मू प्रांत में आम जनजीवन ठप होकर रह गया है। प्रांत के तमाम जिले हेडक्वार्टर जम्मू से पिछले एक महीने से कटे हुए हैं क्योंकि गाड़ियों की आवाजाही बिलकुल ही बंद है।
एसएवाईएसएस का सोमवार से तीन दिनों तक चलने वाला 'जेल भरो' आंदोलन शुरू हो गया। समिति के संयोजक लीला करण शर्मा के नेतृत्व में आंदोलकारियों के पहले जत्थे ने रेहाड़ी क्रॉसिंग पर गिरफ्तारी दी। इसके अलावा हजारो लोगों ने बख्शी नगर, परेड ग्राउंड, सिटी चौक और पक्का डांगा में गिरफ्तारी दी। गिरफ्तारी देने वाले लोग भगवान शिव के नाम का नारा लगा रहे थे।सभी प्रदर्शनकारियों ने शांतिपूर्वक गिरफ्तारी दी। गिरफ्तार लोगों की संख्या के बारे में पुलिस ने फिलहाल कोई जानकारी नहीं दी है। जेल भरो आंदोलन में सोमवार को केवल पुरुषों ने हिस्सा लिया। महिलाएं और बच्चे मंगलवार और बुधवार को गिरफ्तारी देंगे।
इससे पूर्व सुरक्षाकर्मियों ने जम्मू में प्रवेश करने के सभी रास्तों को सील कर दिया। पूरे शहर में सैंकड़ों पुलिसकर्मियों, अर्धसैनिक बलों और सेना के जवानों को तैनात किया गया है। समिति ने रविवार को आंदोलन तेज करने की घोषणा की थी और कहा था कि कम से कम एक लाख लोग गिरफ्तारी देंगे। समिति के संयोजक लीला करण शर्मा ने कहा कि आंदोलन कुचलने के लिए सभी नेताओं को गिरफ्तार किया जा सकता है। आंदोलन के कारण जम्मू में बंद जैसा माहौल बना हुआ है। सड़कों पर वाहनों की संख्या काफी कम है। यहां घरेलू गैस सिलेंडरों की सबसे अधिक किल्लत महसूस की जा रही है।इस बीच जम्मू कश्मीर के राज्यपाल एन० एन० वोहरा ने अमरनाथ संघर्ष समिति के नेताओं को भूमि विवाद के समाधान के लिए बातचीत को आमंत्रित किया है।