श्री अमरनाथ संघर्ष समिति ने कहा कि जब तक अमरनाथ बोर्ड को भूमि वापस नहीं की जाएगी, वह अपना प्रदर्शन जारी रखेगी। जम्मू-कश्मीर पर केंद्र द्वारा पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने और घाटी के प्रति तुष्टिकरण की नीति का पालन करने का आरोप लगाते हुए श्री अमरनाथ संघर्ष समिति के संयोजक लीलाकरन शर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार मूकदर्शक बनी हुई है। यह विभाजन की एक गलत नीति का पालन है।शर्मा ने बालटाल तक मार्च करने की धमकी दी, जहाँ वह भूमि स्थित है। शर्मा ने कहा कि हमारे पास प्रदर्शन जारी रखने के लिए कई विकल्प हैं, लेकिन हमारे लिए बेहतर होगा कि उनका खुलासा नहीं किया जाए।
शर्मा से जब यह पूछा गया कि क्या आर्थिक नाकेबंदी उन विकल्पों में से एक विकल्प है, उन्होंने कहा यह हो सकता है। लेकिन फिलहाल कोई नाकाबंदी नहीं है। यदि हम वाकई ऐसा करते तो सारी दुनिया को पता चलेगा।राज्य के मौजूदा संकट के लिए केंद्र की गलत नीतियों को जिम्मेदार ठहराते हुए शर्मा ने कहा कि यदि सरकार आतंकवाद से देश को बचाना चाहती है तो उसे जम्मू के लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करना होगा।शर्मा ने कहा कि कश्मीर भारत में आतंकवाद का द्वार है। यदि आप देश को बचाना चाहते हैं तो आपको जम्मू को मजबूत बनाना होगा। हम भारत के लोगों से अपील करते हैं कि वे जम्मू के लोगों के समर्थन में खड़े हों।