दक्षिण अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला को दुनियाभर में लोगों को सहयोग करके उनके दिलों को छूने के लिए कल महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय सामंजस्य और शांति अवार्ड 2008 प्रदान किया गया।
90 वर्ष की आयु पूरी करने वाले मंडेला निजी तौर पर अवार्ड प्राप्त करने के लिए मौजूद नहीं थे। मंडेला के स्थान पर उनके साथ लंबे समय तक जेल में रहने वाले और राजनीतिक सलाहकार अहमद कथरादा ने यह अवार्ड लिया। डरबन के महात्मा गांधी विकास ट्रस्ट और सत्याग्रह संगठन ने वर्ष 2003 में अवार्ड की शुरुआत की थी।
पूर्व कैदी कामरेड बिली नायर ने अवार्ड प्रदान किया। कथरादा ने मंडेला के हवाले से कहा मंडेला इस अवार्ड को पाकर सम्मानित महसूस कर रहा हूं क्याकि गांधीजी के कामकाज और सीख से काफी हद तक प्रभावित रहा र्र्हूं। मंडेला के बारे में कथरादा ने कहा लोगों को मंडेला के बारे में पहली चीज यह पता होनी चाहिए कि वह संत नहीं हैं। वह मनुष्य हैं और हम सब की तरह उनमें भी मानवीय कमजोरी हैं।
यह अवार्ड दिवंगत वाल्टर सिसुलु की पत्नी अलबर्टीना सिसुलु डरबन के वकील डी के सिंह कोराल विंसेन दिवंगत युनूस माहोमद इयाम खिजे और डरबन के दिवंगत कैथोलिक आर्कबिशप डेनिस हर्ले को भी प्रदान किया गया। डरबन में भारतीय वाणिज्य दूत हर्ष वर्षन श्रंगला को भी समारोह में सम्मानित किया गया।