काबुल के पास नैटो के एक गश्ती दल पर घात लगाकर किए गए हमले में कम-से-कम दस फ्रांसीसी सैनिक मारे गए हैं।यह मुठभेड़ जहां हुई है उसे तालेबान के प्रभाव वाला इलाक़ा माना जा रहा है।फ्रांसीसी राष्ट्रपति निकोला सर्कोज़ी के कार्यालय ने घोषणा की है कि वे अफ़ग़ानिस्तान रवाना हो रहे हैं।ये फ्रांसीसी सैनिक नैटो की अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा और सहयोग सेना के सदस्य थे।
माना जा रहा है कि हमलावरों ने घात लगाकर हमला किया जिसके बाद ज़बर्दस्त गोलाबारी हुई और ये सैनिक मारे गए। यह हमला सोमवार को हुआ जिसके बाद मुठभेड़ जारी रही।यह पहला मौक़ा है जब इतनी बड़ी संख्या में फ्रांसीसी सैनिक अफ़ग़ानिस्तान में मारे गए हैं।काबुल में पिछले कुछ दिनों में सुरक्षा में बढ़ोतरी हुई है लेकिन अब लगातार धमाके हो रहे हैं।इस बीच कंधार के दक्षिणी प्रांत में नैटो का एक ट्रक सड़क के पास बम धमाके की चपेट में आ गया। उधर खोस्त प्रांत में नैटो के एक हमले में छह आत्मघाती हमलावर मारे गए। एलेस्टेर लीथहेड का कहना है कि पिछले कुछ महीनों में काबुल में ऐसी घटनाएं आम हो गई हैं और सुरक्षा स्थिति बिगड़ गई है।