रूस के राष्ट्रपति दमित्रि मेदवेदेव ने जॉर्जिया मामले पर मध्यस्थता कर रहे फ्रांस के अपने समकक्ष निकोला सार्कोजी से कहा है कि उनका देश युद्धविराम समझौते पर हस्ताक्षर करने के बाद जॉर्जिया से अपने सैनिक वापस बुला लेगा। जॉर्जिया के राष्ट्रपति मिखाइल साकसविली द्वारा युद्धविराम समझौते पर शुक्रवार को हस्ताक्षर किए जाने के बाद रूस और फ्रांस के राष्ट्रपतियों ने इस मामले पर अपने बयान दिए। सार्कोजी के कार्यालय द्वारा जारी बयान में कहा गया है- रूसी राष्ट्रपति मेदवेदेव ने कहा है कि युद्धविराम समझौते पर वह भी दस्तखत करेंगे और समझौते में लिखी बातों खासकर जॉर्जिया से रूसी सेनाओं को हटाने की शर्त का एहतराम किया जाएगा। गौरतलब है कि रूस पर जॉर्जिया से अपनी सेना बुलाने के लिए अमेरिका का भारी दबाव पड़ रहा है।
इस बीच, जॉर्जिया के राष्ट्रपति साकसविली का कहना है कि रूसी तोपों ने 2 और शहरों में घुसपैठ कर ली है। सार्कोजी का कहना है कि अब इस मामले को लेकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा सुझाए गए प्रस्ताव को अपनाए जाने के अनुकूल हालात बन रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र सुक्षा परिषद का स्थायी सदस्य होने के नाते रूस किसी भी प्रस्ताव के खिलाफ वीटो करने की शक्ति रखता है। फ्रांस का प्रतिनिधिमण्डल सार्कोजी की योजना पर आधारित प्रस्ताव को रूस और जॉर्जिया दोनों के लिए संतोषप्रद बनाने के लिए हर मुमकिन कोशिश कर रहा है।