भाजपा अमरनाथ भूमि विवाद और आंतरिक सुरक्षा जैसे प्रमुख मुद्दों पर जोर देने के लिए रथयात्रा निकालने पर विचार कर रही है। लालकृष्ण आडवाणी के नेतृत्व में अयोध्या रथयात्रा निकाले जाने के बाद राजनीति के केंद्र में आई भाजपा एक बार फिर ऐसा ही कदम उठाने पर विचार कर रही है, लेकिन इस यात्रा में हिंदुओं के हित तथा देश की सुरक्षा सुनिश्चित करने में संप्रग सरकार की असफलता पर जोर दिया जाएगा।विवादास्पद अमरनाथ यात्रा समाप्त हो गई। भाजपा के पदाधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक होगी, जिसमें इस मुद्दे को जनमानस में जीवित रखने के उपायों पर चर्चा की जाएगी। इसका एक उद्देश्य भाजपा अध्यक्ष राजनाथसिंह या पार्टी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार लालकृष्ण आडवाणी के नेतृत्व में एक रथयात्रा की शुरुआत सुनिश्चित करना होगा।
पार्टी के एक शीर्ष नेता ने कहा कि अमरनाथ मुद्दा हल नहीं होने जा रहा है। यह राष्ट्रवादियों और अलगाववादियों के बीच की लड़ाई है। अगर पार्टी राष्ट्रवादी ताकतों के पक्ष में जनमानस को जागृत करने के लिए अभियान चलाएँ तो क्या नुकसान है। उन्होंने बताया कि रथयात्रा एक ऐच्छिक विकल्प है, लेकिन अभी अंतिम निर्णय लिया जाना है।सूत्रों का कहना है कि विहिप अमरनाथ मुद्दे पर भाजपा द्वारा अभियान छेड़े जाने के खिलाफ है। पार्टी के एक अन्य नेता ने कहा परिषद को यह चिंता है कि अमरनाथ मुद्दे का हश्र भी वही होगा, जो अयोध्या मुद्दे का हुआ था। अभी यह और अधिक चर्चा का विषय है। पार्टी ने अब तक कोई निर्णय नहीं लिया है।