माओवादी नेता पुष्प कमल दहल उर्फ प्रचंड ने नेपाल के नए प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली। राष्ट्रपति रामबरन यादव ने कई वरिष्ठ अधिकारियों, राजनयिकों और राजनेताओं समेत सैकड़ों लोगों की उपस्थिति में यहां राष्ट्रपति भवन ‘शीतल निवास’ में आयोजित एक समारोह में प्रचंड को पद और गोपनियता की शपथ दिलाई।
नेपाल के राष्ट्रीय पहनावे की जगह प्रचंड ने इस मौके पर सूट पहन रखा था। शपथ ग्रहण समारोह में भारत का प्रतिनिधित्व शरद यादव ने किया।शपथ लेने के बाद प्रसन्न दिखाई पड़ रहे प्रचंड ने अपने माओवादी सुरक्षा गार्डों के साथ काठमांडू में मौजूद विभिन्न देशों के राजदूतों से हाथ मिलाकर उनका अभिवादन स्वीकार किया।
प्रचंड को शुक्रवार को संविधान सभा में सर्वसम्मति से प्रधानमंत्री चुना गया था, लेकिन यह ताज काफी कांटो भरा है। उनके सामने दुनिया के गरीब मुल्कों में गिनती वाले देश नेपाल में चरमराई हुई कानून व्यवस्था और बदहाल आर्थिक हालात को सुधारने की बड़ी चुनौती है। उन्हें नेपाली जनता को किए गए वायदों पर भी खरा उतरना है।
कभी माओत्सेतुंग और कार्ल मार्क्स की भाषा बोलने वाले प्रचंड आजकल इन बातों का जिक्र भी नहीं करते। उनकी जबान से अब सिर्फ देश की समस्याओं से निपटने के लिए आश्वासन भरे शब्द ही सुनाई देते हैं। जानकारो के अनुसार प्रचंड सॆ उम्मीद की जाती है कि नया प्रधानमंत्री चुने जाने के साथ ही देश में मौजूदा अव्यवस्था का अंत होगा और माहौल में बदलाव आएगा।