पिछले एक साल से चल रही अटकलों को विराम देते हुए तेलगु फिल्मों के सुपरस्टार चिरंजीवी ने राजनीति में प्रवेश की घोषणा की। उन्होंने कहा कि गरीब समर्थक नीतियां और सामाजिक न्याय उनकी पार्टी का मुख्य एजेंडा होगा। चिरंजीवी अपनी नई पार्टी के नाम, ध्वज और एजेंडा का खुलासा मंदिर नगरी तिरुपति में आगामी अगस्त को होने वाली पहली सार्वजनिक सभा में करेंगे।
जुबली हिल्स इलाके में स्थित अपनी पार्टी के दफ्तर में खचाखच भरे संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने यह घोषणा की। प्रसिद्ध अभिनेता ने कहा कि उन्होंने गरीबों की दशा में सुधार तथा समाज में बदलाव लाने के लिए राजनीति में आने का फैसला किया है।
भविष्य के गठबंधन के लिए विकल्प खुला रखते हुए चिरंजीवी ने कहा कि चुनावी गठजोड़ के सवाल पर बाद में विचार किया जाएगा। चिरंजीवी ने कहा कि राज्य में राजनैतिक शून्यता है। उन्होंने कहा कि उनका कोई प्रतिद्वंद्वी नहीं है। इस लोकप्रिय अभिनेता ने कहा कि पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने उन्हें राजनीति में कूदने के लिए प्रेरित किया।
चिरंजीवी ने कहा कि अगर मैं राजनीति में नहीं उतरता तो मैंने ऐतिहासिक भूल की होती। अलग तेलंगाना राज्य की मांग और नक्सलवाद से जुड़े सवालों को टालते हुए उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी विस्तार से चर्चा और समस्या का वस्तुनिष्ठ विश्लेषण करने के बाद सामूहिक फैसला करेगी।
इस बीच, आंध्र प्रदेश में नरसापुर से कांग्रेस के सांसद सी हरिराम जोगैया ने पार्टी और लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया ताकि वह चिरंजीवी की नई पार्टी में शामिल हो सकें। लंबे समय से खुले तौर पर चिरंजीवी के खेमे से जुड़े जोगैया ने अपना इस्तीफा लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी को भेज दिया। वह पहले ही घोषणा कर चुके थे कि चिरंजीवी के राजनीति में कदम रखने के साथ ही वह कांग्रेस छोड़ देंगे।
चिरंजीवी के राजनीति में आने पर भाजपा ने नपी-तुली प्रतिक्रिया दी है। पार्टी के वरिष्ठ नेता एम वेंकैया नायडू ने कहा आंध्र प्रदेश के राजनैतिक परिदृश्य पर इसके प्रभाव का मूल्यांकन उनकी पार्टी की नीति और कार्यक्रमों की घोषणा करने के बाद ही किया जा सकेगा।