माओवादी नेता प्रचंड आज गणतांत्रिक नेपाल के पहले प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, राष्ट्रपति राम बरन यादव ने नव निर्वाचित प्रधानमंत्री प्रचंड को शीतल निवास स्थित राष्ट्रपति भवन में शपथ ग्रहण के लिए आमंत्रित किया है। इस बीच, मंत्रियों के पद को लेकर असमंजस की स्थिति बरकरार है।
सूत्रों ने कहा कि दो दिन की मैराथन मीटिंग के बाद तीन प्रमुख राजनीतिक पार्टियों- सीपीएन (माओवादी), सीपीएन (यूएमएल) और मधेसी पीपल्स राइट्स फोरम ने गठबंधन सरकार के लिए न्यूनतम साझा कार्यक्रम (सीएमपी) और नई कैबिनेट के लिए आचार संहिता तैयार की। बहरहाल, गठबंधन के सहयोगी दलों में मंत्रिपद को लेकर सहमति नहीं बन पाई। इस मुद्दे पर पार्टियों के वरिष्ठ नेताओं की दोबारा बैठक होगी। माओवादी नेता बाबूराम भट्टराई ने कहा कि शपथ ग्रहण समारोह के बाद कैबिनेट का गठन किया जाएगा। अब नई सरकार के गठन से अप्रैल में संविधान सभा के चुनाव के बाद से जारी राजनीतिक संकट खत्म हो जाएगा।
इस बीच माकपा नेता सीताराम येचुरी के नेतृत्व में सभी पार्टियों का एक शिष्टमंडल नेपाल की नई सरकार के आमंत्रण पर अगले सप्ताह वहां जाएगा। यह शिष्टमंडल इंडिया-नेपाल सॉलिडैरिटी कमिटी का प्रतिनिधित्व करेगा। येचुरी इस कमिटी के संयोजक हैं। स्व. हरकिशन सिंह सुरजीत इस कमिटी के अध्यक्ष थे। यह शिष्टमंडल नेपाल में नई सरकार के गठन के मौके पर आयोजित कार्यक्रमों में शिरकत करेगा।