गुजरात पुलिस ने अहमदाबाद में पिछले महीने हुए बम विस्फोटों और सूरत से एक दर्जन से अधिक बमों की बरामदगी के मामले को हल करने का दावा किया है। अहमदाबाद में संवाददाता सम्मेलन में राज्य के पुलिस महानिदेशक पी सी पांडे ने बताया कि समूचे षडयंत्र की प्रतिबंधित संगठन सिमी ने योजना बनाई थी और इसे अंजाम दिया था। उन्होंने कहा कि इन विस्फोटों के पीछे मुफ्ती अबु बशर का हाथ है जिसके पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के साथ रिश्ते हैं। इस मामले में दस लोगों को गिरफ्तार किया गया है जिनमें लखनऊ से गिरफ्तार किया गया मुफ्ती अबु बशर भी शामिल है। पुलिस महानिदेशक ने दावा किया कि अबु बशर ने सिलसिलेवार बम विस्फोटों की साजिश की थी। पुलिस का कहना है कि अबु बशर की गिरफ्तारी से देश के अन्य भागों में हुए विस्फोटों की गुत्थी भी सुलझ जाएगी।
अहमदाबाद के सिलसिलेवार बम धमकों की गुत्थी सुलझाने का दावा करते हुए पुलिस ने कहा है कि इसके लिए सिमी द्वारा केरल और गुजरात में दो ट्रेनिंग कैप आयोजित किये गये थे। पुलिस को धमाकों के बाद बंद पाये गये चार मोबाइल सिम कार्ड से यह केस की कड़ी मिली। सिमी के नेता सफदर नागोरी की मध्य प्रदेश में धरपकड़ के बाद मुफ्ती अबु बशर ने एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर तौफीक गिलाल से मिलकर इस साजिश को अंजाम दिया। अबु बशर ने पाकिस्तान में आई एस आई की ट्रेनिंग ली हुई है और उनकी पूछताछ में आई एस आई की भूमिका के बारे में और खुलासा हो सकता है। गुजरात पुलिस की यह सफलता से देश में अभी तक अनसुलझे जयपुर, बैंगलौर, हैदराबाद और फैजाबाद के धमाकों की गुत्थी भी सुलझने की संभावना है। इस बीच, मुफ्ती अबु बशर को पूछताछ के लिए अहमदाबाद लाया गया। लखनऊ की एक अदालत ने गुजरात पुलिस को बशर के तीन दिन के ट्रांजिट रिमांड की मंजूरी दे दी।