झारखंड में पांच मंत्रियों को दल-बदल कानून के तहत अयोग्य ठहराए जाने की मांग को लेकर दायर याचिका और अदालत के नोटिस के बाद झारखंड मुक्ति मोर्चा ने कांग्रेस पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है कि मधु कोड़ा को हटा कर पार्टी अध्यक्ष शिबू सोरेन को राज्य का मुख्यमंत्री बनाया जाए। इस समय राज्य में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं।
झारखंड में सत्ता संघर्ष अब अंतिम दौर में है और सभी की निगाहें झारखंड मुक्ति मोर्चा विधायक दल की कल होने वाली बैठक पर है, जिसमें मोर्चा सुप्रीमो अपनी रणनीति का अंतिम रूप से खुलासा करेंगे। झारखंड मुक्ति मोर्चा के विधानसभा में कुल 17 सदस्य हैं और उनके समर्थन के बिना मधु कोड़ा सरकार का पतन निश्चित है। कोड़ा सरकार को बाहर से समर्थन दे रहे कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल ने स्पष्ट किया है कि निर्दलीय सदस्यों का समर्थन जुटाने के लिए मोर्चा को स्वयं पहल करनी होगी। इस बीच झारखंड उच्च न्यायालय में दायर जनहित याचिका पर पांच निर्दलीय मंत्रियों के खिलाफ दल-बदल कानून के तहत नोटिस जारी करने से राजनीतिक स्थिति और जटिल हो गई है।