हुर्रियत कांफ्रेस के नरमपंथी धड़े ने श्रीनगर-मुजफ्फराबाद सड़क खोलने, घाटी से सैनिकों को हटाने और कुछ कानूनों को खत्म करने की मांग की है। हुर्रियत के संस्थापक सदस्य मीरवाइज़ उमर फारूख ने जुमे की नमाज़ के बाद कहा कि अगर भारत सरकार इन तीन बिंदुओं को माने, तो जम्मू-कश्मीर में अमन लौटेगा। व्यापार के लिए पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर तक पहुंच हासिल करना आम कश्मीरी अवाम की मुख्य मांग है। उन्होंने हुर्रियत की यह मांग दोहराई कि श्रीनगर-मुजफ्फराबाद और पुंछ-रावलकोट सड़कों को व्यापार के लिए खोला जाए।
उन्होंने कहा कि अशांत क्षेत्र अधिनियम को वापस लेने, सशस्त्र बल विशेषाधिकार अधिनियम को निरस्त करने और राज्य से सैनिकों को हटाने की तत्काल जरूरत है। हुर्रियत अध्यक्ष ने शांति की स्थापना की शर्त के रूप में जेलों से तमाम कश्मीरी युवाओं की रिहाई का आह्वान किया।