नेपाल में माओवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने सरकार में शामिल होने से इंकार कर दिया है। माओवादी पार्टी के अध्यक्ष प्रचण्ड ने माओवादी पार्टी संसदीय कार्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि सोमवार को राष्ट्रपति चुनाव में उनके उम्मीदवार के हार जाने के बाद पार्टी के केन्द्रीय सचिवालय ने अगली सरकार से बाहर रहने का फैसला किया है।
नेपाल के पहले ऐतिहासिक राष्ट्रपति के चुनाव में हार के बाद माओवादियों ने सरकार बनाने से इनकार कर दिया है। इससे नेपाल की राजनीति में एक रोचक मोड़ आ गया है। राष्ट्रपति के चुनाव में 'किंग मेकर' बन कर उभरे मधेशी जनाधिकार फोरम(एमजेएफ) ने कहा कि वह नेपाली कांग्रेस और नेपाल की कम्युनिस्ट पार्टी एकीकृत मार्क्सवादी-लेनिनवादी (यूएमएल) के समर्थन से नई सरकार बनाने का दावा पेश करेगी।गठबंधन के समझौते के अनुसार एमजेएफ के प्रमुख बिजय कुमार गच्छेदार नेपाल के नए प्रधानमंत्री बन सकते हैं।
माओवादी लिबरेशन आर्मी के उपप्रमुख और सांसद जनार्दन शर्मा ने कहा कि नेपाली कांग्रेस, यूएमएल और एमजेएफ के गठबंधन द्वारा राष्ट्रपति के चुनाव में अपना बहुमत साबित कर देने के बाद हमारी पार्टी ने निर्णय किया है कि उसे सरकार बनाने का नैतिक अधिकार नहीं है। शर्मा ने बताया कि पार्टी की केंद्रीय समिति की मंगलवार को बुलाई गई आपात बैठक में सरकार नहीं बनाने का निर्णय लिया गया।
गच्छेदार के अनुसार राष्ट्रपति चुनावों के पहले उनकी पार्टी और नेपाली कांग्रेस के बीच महत्वपूर्ण पदों को लेकर सहमति कायम हो चुकी है। समझौते के अनुसार नेपाली कांग्रेस को राष्ट्रपति पद, यूएमएल को संविधान सभा के अध्यक्ष का पद और एमजेएफ को प्रधानमंत्री का पद प्राप्त होगा। संविधान सभा के अध्यक्ष का चुनाव बृहस्पतिवार को होगा।
संसद में केवल 52 सदस्यों के होने के बावजूद सरकार का नेतृत्व करने के प्रश्न पर गच्छेदार ने कहा कि भारत में देवगौड़ा ने ऐसा करके दिखा दिया है। गच्छेदार थारु समुदाय के हैं। थारु समुदाय के लोग तराई मैदानों के मूल निवासी हैं, लेकिन नेपाल के पहाड़ी और भारत के मैदानी इलाकों के प्रवासियों ने उनकी स्थिति भूमिहीन दासों में बदल दी है।
माओवादियों और सीपीएमयूएमएल के बीच राष्ट्रपति के पद पर सत्ता बंटवारे के बारे में सहमति नहीं होने के कारण नेपाली कांग्रेस सीपीएमयूएल और मधेशजनअधिकार फोरम के बीच एक नया राजनीतिक गठबंधन बना जिसके फलस्वरूप नेपाली कांग्रेस का राष्ट्रपति का उम्मीदवार डॉ. रामबरान यादव और मधेशजनअधिकार फोरम के उम्मीदवार परमानंद झा उपराष्ट्रपति के पद पर निर्वाचित हुआ है। संविधान सभा के अध्यक्ष पद पर नये गठबंधन में यूएमएल का उम्मीदवार को समर्थन देने की सहमति हुई है। माओवादी अध्यक्ष प्रचंड ने निकट भविष्य में सरकार में शामिल होने पर इंकार भी नहीं किया है।
इस बीच, काठमांडु में यूरोपीय संघ के मिशन के प्रमुखों ने नेपाल के संघीय लोकतांत्रिक गणतंत्र के प्रथम राष्ट्रपति रामबरन यादव को बधाई दी है। नवनिर्वाचित राष्ट्रपति रामबरन यादव को काठमाण्डु में एक समारोह में शपथ दिलाई जाएगी। उच्चतम न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश उन्हें शपथ दिलायेंगे। इसके बाद राष्ट्रपति, नवनिर्वाचित उपराष्ट्रपति परमानंद झा को शपथ दिलायेंगे।