प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री युसुफ रजा गिलानी से कहा है कि दोनों देशों को कश्मीर सहित सभी आपसी मुद्दों को बातचीत से हल करना चाहिए। उन्होंने ये भी कहा कि दोनों देशों को शांति प्रक्रिया जारी रखते हुए एक-दूसरे के खिलाफ कड़े बयान देने से बचना चाहिए। डॉक्टर मनमोहन सिंह कल शाम श्री गिलानी से फोन पर बातचीत कर रहे थे। श्री गिलानी ने स्वाधीनता दिवस के अवसर पर शुभकामनाएं देने के लिए फोन किया था। इससे पहले डॉक्टर मनमोहन सिंह ने पाकिस्तान के स्वाधीनता दिवस 14 अगस्त को शुभकामना संदेश भेजा था। इस्लामाबाद में प्रधानमंत्री कार्यालय से जारी बयान में कहा गया है कि भूख, गरीबी, बीमारी और आतंकवाद भारत और पाकिस्तान दोनों देशों के सबसे बड़े शत्रु हैं। इनके खिलाफ दोनों देशों को एक साथ मिलकर प्रयास करना होगा।
मेरा मानना है कि दोनों देशों के बीच इस प्रकार की बातचीत की प्रक्रिया हमारे हित में है। इससे यह स्पष्ट है कि पाकिस्तान नहीं चाहता है कि एक हद से ज्यादा भारत के साथ संबंध बिगड़ जाए। लेकिन हमें यह समझना चाहिए कि अब जब जनरल मुशर्रफ का कार्यकाल खत्म होने वाला है और वो अब शासन में नहीं रहेंगे तब जो सरकार बनी है पाकिस्तान में वो एक कमजोर गठबंधन सरकार है। जिनके मुख्य पार्टियों के बीच कई प्रतिरोध हैं। लगता ऐसे है कि इस स्थिति में पाकिस्तान की सेना वहां असलियत में सत्ता संभालेगी और कश्मीर और अफगानिस्तान के प्रति पाकिस्तान जो नीति अपनाता है उसमें फौज की मुख्य भूमिका रहेगी। इसके बावजूद बातचीत की प्रक्रिया जारी रखने हमारे हित में है। जनता जो है, वो पाकिस्तान में भारत के साथ अमन शांति चाहती है।