अमेरिका के राष्ट्रपति पद के डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार बराक ओबामा ने कहा है कि इराक में विदेशी सेना की मौजूदगी वहां की स्थिति पर निर्भर करती है। इराक यात्रा पर गये बराक ओबामा के साथ बगदाद में बैठक के बाद प्रधानमंत्री नूरी अल मलिकी ने भी इस बात पर जोर दिया कि दोनों पक्ष हालात को देखते हुए इराक में अमरीकी सैनिकों की उपस्थिति के बारे में फैसला करें। अमेरिका के डेमोक्रेटिक पार्टी के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार बराक ओबामा ने इराक से दो हजार दस तक अमेरिका सैनाओं को हटाये जाने के बारे में प्रधानमंत्री नूरी अल-मल्लीकी से विचार-विमर्श के बाद इराक की अपनी यात्रा पूरी कर ली है। बताया है कि श्री ओबामा इराकी नेताओं, अमरीका के सैनिक कमांडों और रामादी में पूर्व आतंकवादियों से भी मिले। इराक में आगामी प्रान्तीय चुनावों को देखते हुए इस पर जल्द ही कोई फैसला होने की उम्मीद है।
इराक से अमेरिका फौजों की वापिसी जहां बाराक ओबामा का मुख्य एजेंडा है वहीं इराकी सरकार सुधरती सुरक्षा स्थिति को देखते हुए इसे लागू करने के पक्ष में है।पर्यवेक्षकों का मानना है कि दोनों पक्षों द्वारा इस निर्णय के पीछे कुछ और कारण भी हैं। इराकी सरकार अक्तूबर में होने वाले प्रान्तीय चुनावों को लेकर चिंतित है जहां इराक की सम्प्रभुता एक बड़ा मुददा बन सकता है। अमेरिकी राष्ट्रपति चुनावों के डेमोक्रेटिक उम्मीदवार ओबामा द्वारा अफगानिस्तान पर अधिक ध्यान केन्द्रित करने की राय को अमेरिका में मिले समर्थन और इराक में अमेरिका फौजो की उपस्थिति के विरूद्ध अमेरिकी जनमत ने उन्हें यह रूख अपनाने को मजबूर किया है। इस बीच, श्री ओबामा के कार्यालय से जारी विज्ञप्ति के अनुसार श्री ओबामा ने कहा कि अमेरिका, इराक की सुरक्षा और स्थिरता को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है, इसलिए वहां के लोग उसके साथ सामरिक संबंध रखना चाहते हैं।
मेरा मानना है कि इराक की सुधरती सुरक्षा स्थिति के अलावा कई अन्य निर्णय इस दिशा में जिम्मेदार है। इराकी सरकार इस वर्ष अक्टूबर में होने वाले प्रांतीय चुनावों को लेकर चिंतित है जहां देश की सम्प्रभुता एक बड़ा मुद्दा बन सकता है। उधर, अमेरिका चुनावों में डेमोक्रेटिक उम्मीदरवार ओबामा जिन्होंने इराक पर अमरीकी आकम्रण का विरोध किया था अब अफगानिस्तान पर अधिक ध्यान केन्द्रित करने को कह रहे हैं और इसे अमरीकी जनता का व्यापक समर्थन मिला है।