देश को दहलाने वाले अहमदाबाद धमाकों में सिमी की भूमिका की बात सामने आने के बाद मध्य प्रदेश में एक बार फिर प्रतिबंधित संगठन पर शिकंजा कसता नजर आ रहा है। गुजरात पुलिस का दल धमाकों की विस्तृत जांच के लिये मध्य प्रदेश पहुंच चुका है वहीं इंदौर से संदिग्ध सिमी कार्यकर्ता को हिरासत में लिया गया है। इस बीच गुजरात पुलिस का एक दल मध्य प्रदेश पहुंच रहा है। यह दल जेल में बंद सिमी सरगना सफदर नागौरी और उसके साथियों से पूछताछ करेगा। गुजरात के डीजीपी ने मध्य प्रदेश के डीजीपी को फोन करके मदद मांगी है। उधर, अबू बशीर से पूछताछ के लिए मध्य प्रदेश पुलिस की एक टीम भी अहमदाबाद में है।
सूत्रों के अनुसार, बशीर ने पूछताछ में यह स्वीकार किया है कि मध्य प्रदेश के पांच लोगों ने इस काम में उसकी मदद की थी। इन पांचों के नामों का खुलासा नहीं हुआ है। सूत्रों का यह भी कहना है कि अहमदाबाद विस्फोट गोधरा कांड के बाद गुजरात में हुए दंगों और सिमी नेताओं की गिरफ्तारी से ही जुड़े हुए हैं। शुरू से ही सिमी की इसमें मुख्य भूमिका रही है। वह गुजरात दंगों के बाद से ही इस दिशा में काम कर रहा था। मार्च के अंतिम सप्ताह में इंदौर में सिमी सरगना सफदर नागौरी और उसके 12 साथियों की गिरफ्तारी के कारण उसकी मुहिम को बड़ा झटका लगा था।
मध्य प्रदेश पुलिस अभी तक कई दर्जन सिमी कार्यकर्ताओं और समर्थकों को गिरफ्तार कर चुकी है। अब यह तथ्य सार्वजनिक हो चुका है कि प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर और मालवा क्षेत्र में सिमी का व्यापक आधार है। सूत्रों के मुताबिक, यही कारण है कि अबू बशीर की मदद के लिए अहम भूमिका मध्य प्रदेश से जुड़े लोगों को ही दी गई। यह अलग बात है कि इस काम के लिए मालवा के बजाय निमाड़ क्षेत्र के लोगों को चुना गया। अहमदाबाद विस्फोटों के मामले में जांच एजंसियों की सफलता से गृह मंत्रालय भी उत्साहित है। गृह सचिव मधुकर गुप्ता ने कहा कि इंटेलिजंस ब्यूरो और राज्य पुलिस के आपसी समन्वय से इतनी जल्दी इस मामले का खुलासा हुआ है। गुप्ता का कहना था कि बेहतर आपसी तालमेल से ही ऐसे मामलों को जल्दी सुलझाया जा सकता है।