अहमदाबाद धमाकों की गुत्थी का सुलझाने का दावा करते हुए गुजरात पुलिस के जॉइंट कमिश्नर (क्राइम ब्रांच) आशीष भाटिया ने कहा कि मुंबई बेस्ड कंप्यूटर इंजीनियर तौफीक ने साजिश को अंजाम देने में अहम भूमिका निभाई। भाटिया ने बताया तौफीक सॉफ्टवेयर कंपनी विप्रो में काम करता है और उसकी सैलरी 60,000 रुपये प्रति माह से अधिक है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। विस्फोट से कुछ मिनटों पहले ईमेल भेजने में भी इसी व्यक्ति का हाथ हो सकता है।
डीजीपी पी. सी. पांडे ने कहा कि धमाकों का प्रमुख साजिशकर्ता मुफ्ती अबू बशीर अगस्त 2007 में हैदराबाद विस्फोटों की साजिश में भी शामिल था। बशीर दो साल तक वहां रुका था। उन्होंने कहा कि सिमी के लश्कर-ए-तैबा के साथ रिश्ते होने के भी सुराग मिले हैं।पुलिस ने बताया कि धमाकों से ठीक पहले अहमदाबाद और वड़ोदरा में इस ग्रुप ने मिलकर प्लानिंग की और अंजाम देने के लिए अहमदाबाद के बापूनगर इलाके में यूनुस मंसूरी के घर पर बैठक हुई। आपस में बातचीत के लिए इन लोगों ने पांच सिम कार्ड लिए जिनका इस्तेमाल धमाकों के दिन यानी 26 जुलाई के बाद बंद कर दिया गया।
धमाकों से पहले जनवरी में वड़ोदरा के पास हलोल में इन्हें ट्रेनिंग दी गई, जिसमें बाइक चलाना, स्विमिंग, पिस्टल फायरिंग, मैप रीडिंग और पुलिस इंटेरोगेशन को झेलना जैसी बातें सिखाई गईं। इसकी अगुआई सिमी के प्रमुख नेता सफदर नागौरी ने की थी। इससे पहले सिमी के 40-50 सदस्यों को 2006 में केरल के जंगलों में शस्त्र प्रशिक्षण दिया गया था। जॉइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (क्राइम ब्रांच) आशीष भाटिया ने कहा कि पुलिस ने उन दुकानों की पहचान कर ली है जहां से विस्फोट में इस्तेमाल की गई साइकलें खरीदी गईं। उन्होंने कहा कि वारदात के लिए विस्फोटक मध्य प्रदेश से आया। भाटिया ने कहा कि आतंकवादियों की रणनीति लोगों में अफरा-तफरी मचाने के लिए अलग-अलग जगहों पर छोटे-छोटे विस्फोटक रखने की थी। इसके बाद उनका मकसद अस्पताल में शक्तिशाली विस्फोट करना था, जहां छोटे विस्फोटों से घायल लोग जा रहे होंगे।
इसीलिए शहर के सिविल अस्पताल को निशाना बनाया। पांडे ने कहा कि विस्फोटों की जांच कई राज्यों ने की जिनमें उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, दिल्ली और कर्नाटक शामिल हैं। पुलिस प्रमुख ने दावा किया कि इससे पहले के विस्फोटों में मामला पूरी तरह हल नहीं हुआ था। इन गिरफ्तारियों से जयपुर, हैदराबाद और यूपी में हुए विस्फोटों के सुराग मिल सकते हैं। इस बीच बशीर को शनिवार को तीन दिन की ट्रांजिट रिमांड पर गुजरात पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। बशीर को यूपी के आजमगढ़ जिले के सरायमीर इलाके से गिरफ्तार किया गया था।
पुलिस का दावा है कि अहमदाबाद धमाके सिमी के प्रमुख नेता सफदर नागौरी की गिरफ्तारी का बदला लेने के लिए किए गए। नागौरी को इस साल मार्च में गिरफ्तार किया गया था। जेसीपी आशीष भाटिया ने बताया कि नागौरी की गिरफ्तारी सिमी सदस्यों के लिए बड़ा झटका थी। जब कानूनी या दूसरे तरीकों से भी नागौरी को आजाद नहीं कराया जा सका तो इन सदस्यों ने जवाबी हमले का फैसला किया।