खुफिया जानकारी के अनुसार सिमी के विचारधाराओ से प्रभावित 15 से अधिक संस्था देश भर मे इस्लामी आतंक फैलाने की योजना बना रहे है। ऐसे ही तीन संस्था विदर्भ और नागपुर के आस पास कार्यरत है।
खुफिया जानकारी के अनुसार एक संगटन अंसर ये इखवांस भी है। अंसर इसके एरिया कमांडर के रुप मे कार्यरत है इखवांस का सम्बन्ध लश्करे ये तैयिबा, हुजी, और जेहादे इस्लामी से भी है।
खुफिया जानकारी के अनुसार ये आतंकवादी संगटन बाहरी संगटनो की इस तरह मदद करते है कि खुफिया अधिकारियो को कनोकान खबर नही मिलती है। इसका ज्वलंत उदाहरण जयपुर का बम विस्फोट है।
वैचारिक सहायता के अलावा सिमी अपने साथियो को भी इनको मुहैया करता है। सिमी पर सरकारी तौर पर प्रतिबन्ध लगा है तो वह सीधे तौर पर भाग नही ले सकता है। सिमी के पुर्व सदस्य जिन्हे भय है कि वह पुलिस के हत्थे लग सकते है अपना का अलग अलग संगटन बना कर कार्य कर रहे है । उनका मकसद एक ही है भारत मे इस्लामी आतंक फैलाना।
नागपुर के प्रमुख पुलिस अधिकारी के अनुसार सिमी के बिहार शाखा के प्रमुख डा अबरार आरिफ के जनवरी मे आत्मसमर्पण के बाद यह मालुम चला है कि किस तरह कानून के दायरे काइस्तेमाल करके सिमी देश मे इस्लामी आतंक फैलाने के लिए कटिबध है। यह बहुत ही चिंता की बात है।