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Mon, 21 Jul 2008 12:20:00

पश्चिम बंगाल के 53 विधान सभा सीट और बंगलादेशी मुसलमान

केन्द्रीय सचिवालय द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार पश्चिम बंगाल के 294 विधान सभा सीटो मे से 53 सीटो पर इनका प्रभाव है। यानि ये जिस दल को चाहे चुनाव जितवा सकते है। बंगलादेशी मुसलमानो के इसी हैसियत के वजह राजनीतिक दल इनके तलवे चाटते नजर आते है। राज्य के तीन जिले मालदा, मुर्शीदाबाद और उत्तरी दिंजापुर और राज्य 63 प्रखण्ड मे इनकी आबादी 63प्रतिशत है
पश्चिम बंगाल सचिवालय

बंगलादेश की खुफिया पुलिस डीजीएफआई और आईएसाअई ने सन्युक्त रणनीति के तहत बंगलादेश के लोगो को सीमा पार कराके पश्चिम बंगाल मे लाना फिर वहाके स्थानीय निवासी से मेलजोल करवाना और दलालो के माध्यम से नागरिकता दिलवाकर भारत नागरिक बना देना । यह इस लिए असानी से हो जाता है कि क्योकि स्थानीय सरकार का इनको पुर्ण समर्थन मिलता है। वामपंथियो की सरकार और केन्द्र की सरकार जो मुसलमानो को खुश करने के लिए कुछ भी कर सकती है।

केन्द्रीय सचिवालय द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार पश्चिम बंगाल के 294 विधान सभा सीटो मे से 53 सीटो पर इनका प्रभाव है। यानि ये जिस दल को चाहे चुनाव जितवा सकते है। बंगलादेशी मुसलमानो के इसी हैसियत के वजह राजनीतिक दल इनके तलवे चाटते नजर आते है। राज्य के तीन जिले मालदा, मुर्शीदाबाद और उत्तरी दिंजापुर और राज्य 63 प्रखण्ड मे इनकी आबादी 63प्रतिशत है। इसकी वजह से हिन्दू मतदाताओ के प्रति राजनीतिक दल का विमुख होने का सबसे बडा कारण बनता है।  

केन्द्र और राज्य के समर्थन के अलावा इनको सभी राजनीतिक दलो का समर्थन है । भाजपा इसमे शामिल नही है। आईएसआई ने जिस तरह योजना बनाई और उस पर अम्ल किया वह काबिले तारीफ है। इन कथाकथित बंगलादेशी जिसे आप भारत के नागरिक मानने को मजबुर है कानुनी तौर पर ही सही। हुजी, जीईएम और तालिबानी ग्रुप को मदद देश मे आतंकवाद को फैलाने मे मदत करते है।

रिपोर्ट के अनुसार कूच विहार मालदा मुर्शीदाबाद, नादिया और चौबीस परगना जिलो मे अवैध बंगला देशिओ का जाल है। असम के पुर्ब राज्यपाल एस के सिन्हा के अनुसार असम के 40 विधान सभा सीटो पर इसी तरह के मतदाताओ का प्रभुत्व है। करीब 8 लाख अवैध बंगला देशी भारत मे रह रहे है। जिनमे 8 लाख पश्चिम बंगाल मे,5 लाख पचास हजार असम मे, और 1 लाख बिहार और झारखण्ड मे( कटिहार ,साहेबगंज, और किशनगंज ). कुल मिलाकर 15 लाख के करीब अवैध बंगलादेशी भारत मे रह रहे है। दिनजनापुर, सैयदपुर, कुश्थिया, बगेरहट, साथिखेडा से आते है। इनलोगो ने कालीशहर, सबरुम, अगरतल्ला, गोलपारा, करीमगंज, और हेलकांडी असम के और उदयपुर और बेलोनिया त्रिपुरा एक तरह से कब्जा ही कर लिया है।


आईएसआई और डीजीएफआई ने अपने आपको इस कदर स्थापित कर लिया है। कि मुगलिस्तान कार्यो को लोगो के बीच ले जाना शुरु कर दिया है। मुग्लिस्तान जो इन जगहो पर छोट्टा पाकिस्तान बनाना चाहता है। पुरे एरिया मे इस्लामिक विचार धाराओ को फैलाने लगा हुआ है और उसको सफलता भी मिल रही है। इन सब कार्यो केलिए पैसा साउदी अरब से मिलता है । जबतक इनके मन मुताबिक सरकार रहेगी तबतक इनकी गतिविधियो पर काबू नही पाया जा सकता है। अबतो अवैधा बंगलादेशी राज्य मे सरकार बना सकते है और गिरा भी सकते है। अगर पश्चिम बंगाल का हिन्दू अगर अबभी सचेत नही हुआ तो उसके अस्तित्व पर प्रश्न चिन्ह लग जायेगा।


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