 विश्व व्यापार संगठन |
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भारत, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका जिनेवा में शुरू होने वाली विश्व व्यापार संगठन की बैठक में निष्पक्ष व्यापार पद्धति पर जोर देंगे। इन्हें एक सौ से अधिक विकासशील देशों का समर्थन प्राप्त है। पांच दिन की मंत्रीस्तरीय बैठक ऐसे समय में हो रही है जब कच्चे तेल की कीमतें बढ़ रही हैं और विश्व में खाद्य का संकट पैदा हो गया है। बैठक में भाग लेने गये वाणिज्य और उद्योग मंत्री कमलनाथ ने कहा कि सभी पक्षों के लिए स्थिति बहुत कठिन है। उन्होंने कहा कि ऐसी किसी भी रियायत की गुंजाइश नहीं है जो भारत के इंजीनियरी, रसायन, कपड़ा, ऑटो मोबाइल जैसे उद्योगों के खिलाफ हो। उन्होंने कहा कि इनके संरक्षण के प्रावधानों में कोई भी कमी नहीं की जा सकती, चाहे बातचीत भले ही टूट जाए। दोहा दौर की बातचीत इतनी जल्दबाजी में कोई निष्कर्ष पर नहीं पहुच सकती। विश्व व्यापार संगठन में जो आज भारतवर्ष, ब्राजील, साउथ अफ्रीका और सारे विकासशील देश हैं, वो जो मांग रहे हैं नामा'' यानी की नोन एग्रीकल्शर मार्केट एक्सेस में विकसित देश विकासशील देश से चाह रहे हैं कि कस्टम डयूटी कम कर दें। दोहा डेवलपमेंट रांउड में जो अभी बातचीत चल रहा है मेरा ख्याल है इतनी आसानी से यह समझौता खत्म नहीं होगा। विकासशील देश को विश्व व्यापार संगठन में ज्यादा कनसेशन देने के लिए तैयार नहीं है।
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